Friday, October 5, 2012

मेरा सपना

उमंगें कई हैं, इरादे अटल हैं
मेरी तमन्नाओं की दुनिया बड़ी है

आसमानों से ऊपर है मुझको जाना
सितारों की दुनिया है अपना बनाना

आकाश से काली बदली हटाकर
आशा का सूरज है उसमें उगाना

समंदर की गहराई से गहरा उतरकर
अंतर की शुद्धता है सबको दिखाना

सागर की सीपों से मोतियाँ चुनकर
उम्मीदों का है मुझको माला बनाना

सबकी उम्मीदों को सहस बनाकर
सपना सभी का है साकार करना

लगन और परिश्रम की बुनियाद पर
मंजिल का अपनी है रास्ता बनाना

सच और ईमान के दायरे में रहकर
जीवन का हर लक्ष्य है मुझको पाना

शोहरत की ऊँची बुलंदी को पाकर
धरातल  पर है अपनी जड़ें गड़ाना

जीवन का हर क्षण सुखमय बनाकर
मृत्यु का भी है आनन्द उठाना.

दीपा
१९ जून २००१

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